धर्मशाला। प्रदेश के कई बीएड धारक शिक्षक कक्षा पहली से पांचवीं तक विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। सुप्रीम कोर्ट के 28 नवंबर 2023 के निर्णय के मुताबिक छह माह का ब्रिज कोर्स करने के बाद सीटेट पेपर-1 के लिए पात्र माने गए हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी ऑनलाइन आवेदन प्रणाली में जेबीटी या डीएलएड से संबंधित विकल्प तो उपलब्ध हैं, लेकिन बीएड एवं अनिवार्य सेतु पाठ्यक्रम का विकल्प उपलब्ध नहीं दिखा रहा है। इस कारण प्रदेश के कई शिक्षक जो राष्ट्रीय स्तर पर सीटीईटी के लिए पात्र हैं, हिमाचल प्रदेश जेबीटी टेट में आवेदन करने से वंचित हो रहे हैं। अत: सर्वोच्च न्यायालय और एनसीटीई के आदेशों को अमलीजामा पहनाया जाए। टीजीटी कला संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर ने मांग की है कि हिमाचल प्रदेश विद्यालय शिक्षा बोर्ड तत्काल प्रभाव से छह माह के सेतु पाठ्यक्रम को जेबीटी टीईटी की पात्रता सूची में एक पृथक विकल्प के रूप में सम्मिलित किया जाए। ब्यूरो