देहरा में बैठक के बाद नारेबाजी करते विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम के पदाधिकारी और सदस्य। -संवाद
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। विद्युत बोर्ड के पेंशनरों ने लंबित वित्तीय लाभ जारी न होने और अदायगी में पारदर्शिता न होने पर रोष जताया है। सोमवार को देहरा में हुई पेंशनर फोरम की बैठक में बोर्ड प्रबंधन से पेंशनरों को दी जा रही किसी भी अदायगी का पे-स्लिप के माध्यम से पूरा लेखा-जोखा उपलब्ध करवाने की मांग उठी है। पेंशनरों का कहना है कि इसी से स्पष्ट होगा कि अदायगी किस अवधि की है और कितनी राशि अभी लंबित है।
यूनिट प्रधान मदन लाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनवरी 2023 से देय महंगाई भत्ते (डीए) की किस्तों और एरियर का शीघ्र भुगतान करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। फोरम ने वर्ष 2016 के संशोधित वेतनमान के एरियर का एकमुश्त भुगतान जल्द करने और अन्य सरकारी विभागों की तर्ज पर बिजली बोर्ड में भी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग की।
बैठक की शुरुआत में दिवंगत पेंशनर प्रेमचंद को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। बैठक को तिलक राज कौंडल, सुरजीत चौहान, ओंकार भारद्वाज व ई. हरीश शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। इसमें करीब 70 पेंशनरों ने भाग लिया।
एरियर भुगतान में वर्गीकरण कर सरकार ने किया मजाक
नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार की ओर से एरियर भुगतान में किए गए वर्गीकरण पर कड़ा रोष जताया है। 53 मील में एसोसिएशन के नगरोटा बगवां (शहरी और ग्रामीण) खंड की त्रैमासिक बैठक अध्यक्ष ईश्वर दास चौधरी की अध्यक्षता में हुई। प्रेस सचिव सुभाष चौधरी ने कहा कि सरकार ने नाममात्र एरियर देकर पेंशनरों के साथ मजाक किया है। वक्ताओं ने मांग की कि 1 नवंबर 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट, कम्युटेशन और वेतन के लाखों रुपये के एरियर का एकमुश्त भुगतान किया जाए। बैठक में साहब सिंह, ओम प्रकाश, संतोष कुमार, रवि धीमान व अन्य मौजूद रहे।