धर्मशाला। चेक बाउंस के एक मामले में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कांगड़ा की अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। न्यायाधीश शुभांगी जोशी की अदालत ने दोषी को 8 माह के साधारण कारावास की सजा के साथ ही बैंक को 20 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
यह मामला पंजाब नेशनल बैंक की दौलतपुर शाखा द्वारा दर्ज करवाया गया था। बैंक के अनुसार, आरोपी ने वर्ष 2018 में करीब 9.50 लाख रुपये का लोन लिया था। ऋण चुकाने के लिए आरोपी ने 11,50,733 रुपये का चेक जारी किया, जो 24 नवंबर 2020 को खाते में अपर्याप्त राशि के कारण बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस के बावजूद भुगतान न होने पर बैंक ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने ट्रायल के दौरान पाया कि आरोपी नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी है। इसके बाद अदालत ने कारावास और भारी मुआवजे का फैसला सुनाया। संवाद