धर्मशाला। बोर्ड परीक्षाओं में शामिल करने के लिए विद्यार्थियों का ‘डमी एडमिशन’ करवाने वाले स्कूल अब हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के रडार पर आ गए हैं। बोर्ड ऐसे निजी व सरकारी संबद्ध स्कूलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की तैयारी में है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने चेतावनी दी है कि छात्रों को नियमित कक्षाओं में पढ़ाए बिना सीधे बोर्ड परीक्षा में बिठाने की व्यवस्था कतई बर्दाश्त नहीं होगी।
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि डमी एडमिशन की शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। आरोप सही साबित होने पर संबंधित स्कूल की मान्यता रद्द करने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे। स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्यों को विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति का सही और अद्यतन रिकॉर्ड बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हाजिरी रजिस्टर में किसी भी तरह की हेराफेरी या गलत जानकारी देने को गंभीर अनियमितता माना जाएगा। प्रबंधन को सुनिश्चित करना होगा कि पंजीकृत छात्र वास्तव में कक्षाओं में आकर पढ़ाई कर रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की आड़ में डमी दाखिले की बढ़ती प्रवृत्ति पर बोर्ड ने चिंता जताई है।
शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि समग्र विकास के लिए नियमित कक्षा-अध्ययन, प्रायोगिक कार्य और शिक्षक मार्गदर्शन बेहद जरूरी हैं। केवल कागजी दाखिला शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करता है। उन्होंने छात्रों व अभिभावकों से ऐसे संस्थानों के झांसे में न आने की अपील की।