धर्मशाला। घेरा वन क्षेत्र में हुए भूस्खलन के कारण गज्ज परियोजना की मुख्य ट्रांसमिशन पाइपलाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते धर्मशाला शहर के विभिन्न हिस्सों में नियमित पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने नड्डी जल शोधन संयंत्र से वैकल्पिक जलापूर्ति शुरू कर दी है। हालांकि पानी की सीमित मात्रा को देखते हुए शहर में अस्थायी रूप से जल राशनिंग की जा सकती है।
उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि पाइपलाइन टूटते ही जल शक्ति विभाग ने तुरंत वैकल्पिक इंतजाम कर दिए हैं, ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के बावजूद क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की बहाली का काम युद्धस्तर पर जारी है।
उपायुक्त ने शहरवासियों से अपील की है कि जब तक जलापूर्ति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक पानी का संयम से प्रयोग करें और बर्बादी से बचें। उन्होंने आश्वासन दिया कि मौसम साफ होते ही मरम्मत का कार्य पूरा कर नियमित जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी।