नगर निकाय चुनाव- आपका मुद्दा
हवा हो रहे स्वच्छ कुल्लू बनाने के दावे, नगर परिषद की डंपिंग साइट की तलाश भी नहीं हुई पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए नगर परिषद कुल्लू की ओर से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण योजना चलाई जा रही है, लेकिन इसके बावजूद शहर के कई हिस्सों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। जगह-जगह बने कचरा प्वाइंट और समय पर कूड़ा न उठने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर परिषद और प्रशासन स्वच्छ कुल्लू बनाने के दावे तो कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। कई वार्डों में कचरा संग्रहण वाहन नियमित रूप से नहीं पहुंच रहे हैं। वहीं, खुले वाहनों में कचरा ढोने से बदबू और गंदगी की समस्या और बढ़ रही है।
नगर परिषद कुल्लू के 11 वार्डों का कचरा फिलहाल शहर के बीचोंबीच स्थित सरवरी की एमआरएफ साइट में जमा किया जा रहा है। यहां से उठने वाली दुर्गंध आसपास के लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि नगर परिषद अब तक स्थायी डंपिंग साइट की व्यवस्था नहीं कर पाई है। हालांकि कचरा निष्पादन के लिए दो-तीन स्थान चिह्नित किए गए थे, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के चलते मामला आगे नहीं बढ़ सका।
नगर निकाय चुनाव के दौरान शहर की स्वच्छता भी बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। स्थानीय निवासी निशित चौधरी और शगुन का कहना है कि नगर परिषद और प्रशासन को मिलकर शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
कोट
शहर में प्रतिदिन जिले के अन्य भागों से सैकड़ों लोग आते हैं। इसके साथ ही पर्यटक भी यहां पहुंचते हैं। यहां कचरा निष्पादन की व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है। जहां पर लोग कचरा फैलाते हैं, वहां सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाए।- राहुल पराशर, कुल्लू
शहर के बीच डंपिंग साइट बनाने से स्थानीय लोगों और बस स्टैंड जाने वाले यात्रियों को बदबू का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद शहर से बाहर डंपिंग साइट के लिए जगह चिह्नित। कचरे को उचित से निष्पादन से ही शहर स्वच्छ बन सकेगा। -कृतिका ठाकुर, कुल्लू