टांडा (कांगड़ा)। विधानसभा क्षेत्र नगरोटा बगवां में चल रहे राज्य स्तरीय लिदबड़ मेले में इस बार डोम ने माहौल को फीका कर दिया है। गांधी मैदान में लगाए गए डोम के कारण दुकानों की संख्या में कमी आई है, जिससे छोटे व्यापारियों को व्यापार में भारी गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। डोम के बाहर स्थित दुकानों में व्यापार लगभग ठप हो गया है, जिससे व्यापारियों में निराशा का माहौल है। व्यापारी यह भी मानते हैं कि यह मेला एक पारंपरिक ग्रामीण मेले की तरह होना चाहिए था लेकिन इस बार इसे राज्य स्तरीय कार्निवल के रूप में पेश किया गया है। हालांकि, इस मेले की तारीखें 24 से 28 मार्च तक निर्धारित की गई हैं लेकिन इसे 15 दिन तक चलाने की बात की जा रही है, जिस पर स्थानीय व्यापार मंडल ने विरोध व्यक्त किया है।
वह पिछले 12 वर्षों से इस मेले में अपनी दुकान लगाती है लेकिन पहली बार देखने को मिल रहा है कि यहां पर व्यापार नाममात्र का हुआ है।
उमा देवी, कारोबारी, कांगड़ा
उपमंडल प्रशासन ने डोम लगा कर मेले के वास्तविक रूप को बिगाड़ दिया है, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
मिंगनू राम, कारोबारी, नगरोटा
इस बार मेले में दुकानें महंगे दामों पर उन्हें मिली हैं, जिस कारण किराया और उनके खाने का खर्च निकल जाने की संभावना भी बहुत कम है।
गौरव गौरी, युवा व्यापारी
पिछले साल मेले में 300 के करीब छोटे-बड़े व्यापारी थे। इस बार इनकी संख्या 50 भी नहीं है। डोम के चलते ग्राउंड में जगह ही नहीं बची है, जो बची है वह भी बहुत महंगी है।
संजीव, दुकानदार
नगरोटा बगवां के लिदबड़ मेले में सजा डोम पांच दिन ही रहेगा। इसको लगाने और खोलने में पांच-पांच दिन का अतिरिक्त समय दिया है। - मुनीष शर्मा, उपमंडल अधिकारी, नगरोटा बगवां
नगरोटा बगवां के लिदबड़ मेले में ग्राहक का इंतजार करते हुए दुकानदार। संवाद
नगरोटा बगवां के लिदबड़ मेले में ग्राहक का इंतजार करते हुए दुकानदार। संवाद
नगरोटा बगवां के लिदबड़ मेले में ग्राहक का इंतजार करते हुए दुकानदार। संवाद
नगरोटा बगवां के लिदबड़ मेले में ग्राहक का इंतजार करते हुए दुकानदार। संवाद