नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। ऐतिहासिक कांगड़ा घाटी रेल सेवा की बहाली को लेकर एक बार फिर मामला गरमा गया है। पठानकोट से जोगिंद्रनगर के बीच चलने वाली इस ट्रेन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों और रूट में संभावित बदलाव ने क्षेत्र के लोगों में भारी रोष पैदा कर दिया है।
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि 25 अप्रैल को रेल मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर रेल सेवा को हरी झंडी देंगे, लेकिन जम्मू मंडल के डीआरएम विवेक कुमार ने ऐसी किसी भी आधिकारिक सूचना से इनकार किया है।
रेल मंत्रालय स्तर पर चर्चा है कि पठानकोट में ट्रैफिक जाम से बचने के लिए ट्रेन को पठानकोट के बजाय डलहौजी रोड स्टेशन से चलाया जाए। रेल बहाली संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा और अश्वनी गुलेरिया ने इसे जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया है। उनका तर्क है कि यदि जाम समस्या है, तो सरकार को अंडरपास या फ्लाईओवर बनाने चाहिए, न कि ट्रेन का रूट बदलना चाहिए।
नंदपुर विकास संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यह रेल लाइन हजारों लोगों की जीवनरेखा है, जिसे राजनीतिक मुद्दा बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। पीसी विश्वकर्मा ने दोटूक कहा कि जब तक पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक सभी सात पुराने रूट बहाल नहीं होते, तब तक केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेगा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चार सांसद होने के बावजूद प्रदेश के इस अहम मुद्दे पर कोई ठोस पहल नहीं हो रही है।