नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट ने हिमाचल दिवस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर पेंशनरों की मांगों पर रहस्यमयी चुप्पी साधने का आरोप लगाया है। फ्रंट का कहना है कि छठे वेतन आयोग के तहत लंबित वित्तीय लाभों और एरियर के भुगतान की आस लगाए बैठे वृद्ध पेंशनरों को सरकार ने फिर से नजरअंदाज कर दिया है।
ज्वाइंट फ्रंट के अध्यक्ष आत्माराम शर्मा, मुख्य संयोजक हरीश शर्मा, मुख्य प्रवक्ता कल्याण भंडारी और महासचिव ठाकुर हुक्म सिंह ने संयुक्त बयान में कहा कि जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए हजारों कर्मचारियों के एरियर का भुगतान न होना चिंता का विषय है। सरकार केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पुरानी घोषणाओं को दोहरा रही है, जबकि शेष वर्ग के पेंशनरों की कोई बात नहीं की जा रही है।
मुख्य प्रवक्ता कल्याण भंडारी ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम और बिजली बोर्ड के पेंशनरों को समय पर पेंशन न मिलना और कॉर्पोरेट सेक्टर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके हक से वंचित रखना सरासर अन्याय है। सरकार का यह रवैया प्रदेश के वृद्धों को मानसिक और आर्थिक तनाव की ओर धकेल रहा है।
फ्रंट ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट के साथ औपचारिक वार्ता कर लंबित मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेश भर के हजारों पेंशनर्स अपने हकों की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।