धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में मेडिसिन विशेषज्ञ पर बढ़ते बोझ और लंबी कतारों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने एक नई व्यवस्था लागू की है। अब मरीजों को सीधे मेडिसिन ओपीडी में जांच करवाने से पहले पुरुष और महिला सामान्य ओपीडी में अपनी जांच करवानी होगी।
अस्पताल प्रशासन ने यह निर्णय इसलिए लिया है क्योंकि मेडिसिन ओपीडी में केवल एक ही विशेषज्ञ तैनात है। इस कारण ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें लग रही थीं और चिकित्सक पर बोझ बढ़ रहा था। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य ओपीडी में भीड़ को नियंत्रित करना और विशेषज्ञ को गंभीर मरीजों को पर्याप्त समय देना है। लंबे समय से अस्पताल में यह देखा जा रहा था कि सर्दी-जुखाम जैसे छोटे-मोटे रोगों वाले मरीज भी उपचार के लिए सीधे मेडिसिन ओपीडी पहुंच रहे थे।
धरातल मंजिल स्थित सामान्य ओपीडी में तीन-तीन चिकित्सक तैनात होने के बावजूद मरीज वहां नहीं जा रहे थे। अगर सामान्य ओपीडी में तैनात चिकित्सकों को यह लगेगा कि मरीज को मेडिसिन विशेषज्ञ से परामर्श की जरूरत है तो इसके बाद ही उसे मेडिसिन ओपीडी भेजा जाएगा। सर्दी-जुखाम सहित अन्य छोटे-मोटे रोगों का उपचार अब सामान्य ओपीडी में ही किया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मेडिसिन ओपीडी में भीड़ कम हुई है और मरीजों को भी सामान्य सहित मेडिसिन ओपीडी में सही से उपचार मिल रहा है।
विशेषज्ञ की उपलब्धता और मरीजों की संख्या में वृद्धि
करीब एक साल से धर्मशाला अस्पताल में कोई भी मेडिसिन विशेषज्ञ तैनात नहीं था। इससे शुगर, बीपी सहित अन्य बीमारियों वाले मरीजों को चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही थी। करीब एक माह पहले ही धर्मशाला अस्पताल में मेडिसिन विशेषज्ञ ने ज्वाइन किया है। विशेषज्ञ के ज्वाइन करने की खबर के बाद ओपीडी में मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होने लगी, जिससे भीड़ बढ़ रही थी और विशेषज्ञ को एक-एक मरीज के उपचार के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पा रहा था।
क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला की एमएस, डॉ. अनुराधा शर्मा ने कहा कि कुछ समय पहले मेडिसिन विशेषज्ञ ने ज्वाइन किया है। ज्वाइनिंग की खबर के बाद मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। अधिकतर मरीज सर्दी-जुकाम के लिए भी मेडिसिन ओपीडी पहुंच रहे थे और वहां भीड़ बढ़ रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया है कि पहले मरीजों की सामान्य ओपीडी में जांच होगी और जरूरत वाले मरीजों को ही मेडिसिन ओपीडी भेजा जाएगा।