धर्मशाला। शादी समारोह के फोटोग्राफ और वीडियो उपलब्ध न करवाने पर एक फोटोग्राफर को अब 60 हजार रुपये 30 दिन के भीतर उपभोक्ता को लौटाने होंगे। निर्धारित समयावधि में राशि न लौटाने पर फोटोग्राफर को नौ फीसदी ब्याज भी देना होगा। साथ ही मुआवजे के तौर पर उपभोक्ता को 10 हजार रुपये चुकाने होंगे। वहीं, न्यायालय शुल्क के रूप में 10 हजार रुपये में भी देने होंगे। जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। फोरम के समक्ष भारती बरसैन निवासी सिविल लाइन धर्मशाला की ओर से शिकायत दर्ज करवाई थी कि 5, 6 और 7 जुलाई 2022 को धर्मशाला में विवाह समारोह की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए 11 जून 2022 को कांगड़ा जिला के एक फोटोग्राफर को कहा था। शादी और रिसेप्शन समारोह की फोटो और वीडियो के लिए उन्होंने फोटोग्राफर को 60 हजार रुपये का भुगतान भी किया था। कार्यक्रम के बाद शिकायतकर्ता ने मांग के अनुसार फोटो और वीडियो उपलब्ध करवाने के लिए संपर्क किया लेकिन उन्हें यह उपलब्ध नहीं करवाई गई। जिस पर उपभोक्ता ने सेवाओं में कमी के आरोप लगाते फोरम में शिकायत दर्ज करवाई। उपभोक्ता फोरम की ओर नोटिस भेजे गए लेकिन फोटोग्राफर केवल 29 मार्च 2025 को ही उपस्थित हुआ था। उपभोक्ता फोरम ने सभी तथ्यों को जांचने के बाद शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है।