धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में मरीजों के लिए प्रस्तावित नई फीजियोथेरैपी यूनिट की खरीद भुगतान संबंधी नियमों में बदलाव के कारण असमंजस में फंस गई है। अस्पताल प्रबंधन समिति (आरकेएस) की बैठक में करीब 10 लाख रुपये की आधुनिक फीजियोथेरैपी यूनिट खरीदने को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अब आरकेएस निधि से सीधे भुगतान की व्यवस्था समाप्त होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के नियमों में वित्तीय अनियमितताओं (घोटालों) को रोकने के लिए व्यापक बदलाव किए गए हैं। इसके तहत सरकारी अस्पतालों में वित्तीय पारदर्शिता लाने के लिए रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) से होने वाले सभी भुगतान सीधे सरकारी ट्रेजरी (खजाने) से करने का फैसला किया है।
नई व्यवस्था के लिए आवश्यक प्रक्रिया और दिशा-निर्देश पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने से अस्पताल प्रशासन खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप नहीं दे पा रहा है। हालांकि मौजूदा समय में अस्पताल में फीजियोथेरैपी से संंबंधित मरीजों को सुविधा प्रदान की जा रही है।
आरकेएस की बैठक में इस यूनिट की खरीद को मंजूरी मिलने के बाद मरीजों और अस्पताल प्रबंधन को जल्द सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन भुगतान व्यवस्था में बदलाव ने पूरी प्रक्रिया को फिलहाल उलझा दिया है। अब अस्पताल प्रशासन ट्रेजरी के माध्यम से भुगतान की औपचारिकताएं पूरी होने और आवश्यक दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार कर रहा है, ताकि खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। नई यूनिट शुरू होने से विशेष रूप से बुजुर्गों और हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों को राहत मिलेगी। ऑपरेशन के बाद रिकवरी, जोड़ों के दर्द, लकवा, रीढ़ की समस्याओं और अन्य ऑर्थोपेडिक बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
-कोटस
क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में आरकेएस की बैठक में नई फीजियोथेरैपी यूनिट स्थापित करने के लिए मंजूरी मिल गई थी। अब नियमों के तहत आरकेएस से होने वाले भुगतान सीधे तौर पर सरकारी ट्रेजरी से होने हैं। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ट्रेजरी के माध्यम से होने वाले भुगतान की औपचारिकताएं पूरी होने और आवश्यक दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार कर रहा है। - डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला।