धर्मशाला। पर्यटन राजधानी कांगड़ा के धर्मकोट को जिला की पहली ईको टूरिज्म साइट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस पर चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
साइट पर आधुनिक सुविधाओं से लैस कॉटेज और ग्लैंपिंग (ग्लैमरस कैंपिंग) की व्यवस्था की जा रही है। इससे पर्यटक प्रकृति के करीब रहते हुए आरामदायक ठहराव का आनंद ले सकेंगे। इसका निर्माण निजी कंपनी वुडवार्न कर रही है। कंपनी का दावा है कि इस कार्य को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इससे धर्मकोट न केवल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करेगा बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।
पर्यटकों को ये मिलेंगी सुविधाएं
पहले चरण में 20 हट्स का निर्माण किया जा रहा है। योगशाला, स्थानीय हैंडीक्रॉफ्ट के लिए पॉटरी क्लासेज, गिफ्ट शॉप्स, आयुर्वेदिक और नेचुरोपैथी के लिए स्पा का निर्माण किया जा रहा है। विजन कैफे, डोम सिटी और ईको लॉग हाट्स आदि का निर्माण किया जाएगा।
अप्रैल माह के अंत तक पहले चरण के तहत कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसमें रेस्टोरेंट, डोम, ईको लॉग हाट्स और कमरों की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ-साथ अन्य निर्माण कार्य धीरे-धीरे पूरे होते रहेंगे। कुल 40 कमरों का निर्माण किया जाएगा। पहले चरण में 20 कमरे बनाए जा रहे हैं।
-संजय शर्मा, प्रबंध निदेशक, वुडवार्न कंपनी
वन विभाग की ओर से कंपनी को जमीन लीज पर दे दी गई है। कंपनी ही कार्य और संचालन करेगी। इससे पर्यटकों को काफी लाभ मिलेगा। साइट विकसित होने से यहां सैलानियों की आवाजाही बढ़ेगी।
-अमित शर्मा, डीएफओ, वन मंडल धर्मशाला