कांगड़ा के बज्रेश्वरी माता मंदिर में घृत मंडल पर्व संपन्न होने पर मक्खन रूपी प्रसाद लेने के लिए
कांगड़ा। पिछले सात दिन से विश्वविख्यात शक्तिपीठ बज्रेश्वरी देवी की पिंडी पर चढ़ाया घृत मंगलवार को उतरने के साथ ही मकर संक्रांति का पर्व यादगार बन गया। भोर फटते ही मंदिर के पुजारियों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर दैवीय काल से चली आ रही इस परंपरा का निर्वहन विधि विधान से करते हुए मां की पिंडी से घृत उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
विधिवत मंत्रोच्चारण के बीच पिंडी से घृत को मां की पिंडी से उतारा जा रहा था। मां की पावन पिंडी के दर्शन के लिए आतुर गर्भ गृह के बाहर खड़े श्रद्धालु आंखें बंद कर बज्रेश्वरी माता का गुणगान कर रहे थे। मक्खन उतरते ही मां बज्रेश्वरी के अलौकिक दर्शन ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पिंडी से साढ़े इक्कीस क्विंटल मक्खन उतारकर मां बज्रेश्वरी का शृंगार कर पुजारियों ने विधिवत मंत्रोचारण के बाद मां का ऐसा जयघोष लगाया, जो पूरे मंदिर परिसर में घंटियों की स्वर लहरियों के साथ गूंज उठा।
इसके बाद घृत का प्रसाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इसका श्रद्धालु एक सप्ताह से बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। मक्खन रूपी यह प्रसाद लेने के लिए मंदिर कार्यालय के बाहर श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। शाम तक करीब आठ हजार श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा जा चुका था। मंदिर अधिकारी शिवाली ठाकुर ने बताया कि आगामी कुछ दिन तक यह प्रसाद बंटता रहेगा। सप्ताहभर मकर संक्रांति के इस पर्व को देखने के लिए श्रद्धालु आते रहे।