भगवान नरसिंह मंदिर, रक्कड़ में चल रही कथा में उपस्थित संगत। स्रोत: आयोजक
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रक्कड़(कांगड़ा)। ईश्वरीय आनंद हर पल उपलब्ध है। सतत आनंद ही आनंद है। संसार के लोग समझते हैं कि सुख क्षणभंगुर है, जबकि ऐसा नहीं है। यदि गागर फूटी हो ता पानी क्षणभर ही ठहरता है। इसमें दोष पानी का नहीं, यह हमारी गागर का दोष है। गागर न फूटी हो तो पानी सदा के लिए टिक जाए। यह वाक्य श्री नरसिंह पुराण कथा के चौथे दिन स्वामी अतुल कृष्ण महाराज ने भगवान नरसिंह मंदिर रक्कड़ में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि नरसिंह पुराण की कथा ऐसी है, जिसके सुनने मात्र से महा लाभ होता है। हम कथा के आनंद में सदा के लिए स्थिर हो जाएं तो यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। हम सबके भीतर ज्ञान की अग्नि सदा ही प्रज्ज्वलित है। वह कितनी ही राख से क्यों न ढक जाए पर फूंक मारते ही फिर से प्रकट हो जाएगी। इस अवसर पर सर्वश्री देशबंधु, संजीव शर्मा, धर्म सिंह, सुरजीत धीमान, मनोज गुरु, विशाल शर्मा, ईशान शर्मा, अमित शर्मा इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। संवाद