चामुंडा माता मंदिर के साथ बहती बाणगंगा में नहाते श्रद्धालु। -स्रोत : जागरूक पाठक
चामुंडा (कांगड़ा)। श्रावण अष्टमी मेलों के दौरान श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में बाणगंगा खड्ड के तेज बहाव और प्रशासन की सख्त पाबंदी के बावजूद श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर नदी के बीचोंबीच उतर रहे हैं। ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है। इससे किसी बड़े हादसे और जानमाल के नुकसान का खतरा बना हुआ है।
मेले के दौरान मंदिर प्रशासन और पुलिस द्वारा लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को नदी के तेज बहाव से दूर रहने और निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करने की हिदायत दी जा रही है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जिनमें महिलाएं और युवा भी शामिल हैं, नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए पानी के बीच पत्थरों पर जाकर खड़े हो रहे हैं।
पहाड़ी इलाकों में अचानक बादल फटने या तेज बारिश से खड्डों का जलस्तर कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लेता है। ऐसे में नदी के बीच मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिलता। स्थानीय प्रशासन ने एक बार फिर श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और चेतावनी बोर्ड व सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।