परागपुर(कांगड़ा)। परागपुर उपतहसील को स्तरोन्नत कर तहसील का दर्जा न दिए जाने पर लोगों ने एक बार फिर से सवाल उठाना शुरू कर दिए हैं। प्रदेश सरकार ने डीसी कांगड़ा से इस संदर्भ में रिपोर्ट भी मांगी थी कि देहरा तहसील में जसवां परागपुर विस क्षेत्र के जो पटवार वृत्त पड़ते हैं, उसकी रिपोर्ट भेजी जाए। इस पर उपमंडल अधिकारी (ना.) धनबीर ठाकुर ने तत्कालीन उपायुक्त को रिपोर्ट भेज दी थी। इसमें समनोली, चलाली व कड़ोआ का विवरण देते हुए उन्होंने लिखा था कि ये तीनों पटवार वृत्त देहरा तहसील से निकालकर उपतहसील परागपुर में शामिल किए जाने बारे रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए आपकी सेवा में प्रेषित है। इसके बाद उपायुक्त ने यह प्रस्तावना रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) को 2018 में ही भेज दी थी। बावजूद इसके दो वर्ष होने के बाद भी यह प्रस्तावना रिपोर्ट कैबिनेट की मीटिंग में नहीं लग पाई। आलम यह है कि यह प्रस्तावना रिपोर्ट इस समय कहां पर अटकी हुई है, इसकी जानकारी किसी को भी नही। तीनों पटवार वृत्त के तहत आने वाली ग्राम पंचायतें भी विकास खंड परागपुर के तहत ही आती हैं। ऐसे में स्थानीय निवासी गोविंद गर्ग, रुद्रांश राणा, जगदीश सिंह, रितिक ठाकुर, अंशुल शर्मा, संजय कुमार, कृष्ण, अनिल, अभिषेक, अजय कुमार, संजीव कुमार, राजीव, राजिंद्र सिंह ने प्रदेश के राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह से मांग की है कि परागपुर उपतहसील के पुनर्गठन की प्रस्तावना रिपोर्ट की फाइल को सचिवालय में संबंधित विभाग से तलब करवाएं और जल्द से जल्द कैबिनेट मीटिंग में इस प्रस्तावना रिपोर्ट को मंजूरी प्रदान करवाए।
उपतहसील परागपुर के पुनर्गठन और इसे स्तरोन्नत करने का कोई भी मामला अभी हमारे ध्यान में नहीं है।
-डॉ. केवल राम सैजल, संयुक्त सचिव (राजस्व) प्रदेश सरकार