पालमपुर (कांगड़ा)। नगर निगम पालमपुर के आईमा वार्ड में पिछले करीब पौने दो साल से चल रहे अवैध निर्माण मामले में फैसला 15 फरवरी को सुनाया जाएगा। दोनों पक्षों को इस फैसले का इंतजार है। हालांकि, इसमें किसी सजा का प्रावधान नहीं है, लेकिन अवैध निर्माण पाए जाने पर उसे हटाया जा सकता है। साथ ही यदि गलत नक्शा पास किया गया है तो नगर निगम उसे रद्द कर सकता है।
नगर निगम ने फैसला सुनाने से पहले हाईकोर्ट के मिले आदेशों के मुताबिक अपनी सारी कार्यवाही पूरी कर ली है। नगर निगम पालमपुर के आईमा वार्ड के साल 2020 में अवैध निर्माण का एक मामला लोगों ने 2023 में यहां पहुंची विधानसभा लेखा समिति के समक्ष उठाया था। जिसे देख समिति ने विजिलेंस को इसकी जांच के आदेश दिए थे।
विजिलेंस ने अपनी जांच में नगर निगम में पूर्व में रहे आयुक्त, टाउन प्लानर और एक आउटसोर्स पर लगे जेई को मामले में दोषी करार दिया था। इस पर जेई को पद से हटा भी दिया गया था। इस दौरान मकान मालिक ने 29 जुलाई 2023 को उच्च न्यायालय में निगम प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
कूहल से प्रभावित होने वाले 12 लोग भी 23 जुलाई 2024 को कूहल के अस्तित्व को बरकरार रखने और अवैध कब्जा हटाने को लेकर प्रदेश उच्च न्यायालय चले गए थे। जिस पर चले इस मामले में शिमला उच्च न्यायालय ने नगर निगम को निर्माण से संबंधित सभी प्रकार के अनापत्ति प्रमाण पत्र निरस्त करने, कूहल को कब्जा मुक्त करने के लिए 6 सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। जिसे अब नगर निगम ने हाईकोर्ट के आए आदेशों पर अमल करते हुए मामले की सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं।