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Kangra News: डल झील सूखी, दलाई लामा कर्नाटक रवाना, मंदी में पर्यटन कारोबार

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इस बार पर्याप्त मात्रा में बर्फबारी भी न होने से धर्मशाला में घटे सैलानी
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फोरलेन के कार्य से सड़कें क्षतिग्रस्त होना भी एक कारण
डल झील के जीर्णोद्धार के लिए लेकमैन समेत कई विशेषज्ञ बुलाए, फिर भी जमा नहीं हुआ पानी
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। पर्यटन नगरी धर्मशाला और मैक्लोडगंज पर्यटकों के दीदार के लिए तरसने लगे हैं। पर्यटकों की आमद कम होने के कारण पर्यटन कारोबार को काफी नुकसान पहुंच रहा है। यहां तीन हजार से अधिक होटल, गेस्ट हाउस और रेस्तरां हैं, लेकिन कारोबार में मंदी छाई है।
पर्यटकों की आमद कम होने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण मैक्लोडगंज के नड्डी स्थित डल झील का सूखना है। यह डल झील पिछले वर्षों से से सूख रही है। जिला प्रशासन ने बीते अगस्त माह में राधाष्टमी के अवसर पर यहां लगने वाले मेले के दौरान इस झील को जलशक्ति विभाग की स्कीमों से पानी छोड़कर भरने का प्रयास किया था, लेकिन उसके बाद इसकी सुध नहीं ली। वर्तमान में यह डल झील पूरी तरह से सूख चुकी है।
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डल झील के जीर्णोद्धार के लिए लेकमैन समेत कई विशेषज्ञों को बुलाया जा चुका है, लेकिन अभी तक डल झील में पानी एकत्रित नहीं हो पाया है। पर्यटक इस डल झील को देखने आते थे, लेकिन वर्तमान उन्हें में निराशा ही हाथ लग रही है। इसके साथ ही मैक्लोडगंज, नड्डी और भागसूनाग में अभी तक हिमपात नहीं हुआ। धौलाधार की पहाड़ी पर भी बहुत कम बर्फबारी हुई है। इसके अलावा तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा भी शुक्रवार को अपने मुख्य बौद्ध मंदिर से कर्नाटक के बैलकुप्पे के लिए रवाना हो चुके हैं। अब दलाई लामा के अनुयायियों को भी लंबे समय तक उनके दर्शन यहां नहीं हो पाएंगे। एक अन्य कारण फोरलेन के कार्य हैं।
मटौर से शिमला और पठानकोट से मंडी के लिए प्रस्तावित फोरलेन के कारण सड़कों की हालत काफी खराब है। इसके चलते यहां पर्यटक आने से गुरेज कर रहे हैं। उधर, पर्यटन कारोबारियों सुनील कुमार, प्रदीप कुमार, विवेक, अशोक और सुरजीत सिंह ने बताया कि डल झील सूखने, पर्यटन नगरी में हिमपात न होने, फोरलेन के कार्य और तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के कर्नाटक प्रवास पर जाने से पर्यटन कारोबार में मंदी है।
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होटलों की ऑक्यूपेंसी नववर्ष पर 50 फीसदी तक पहुंच गई थी, लेकिन वर्तमान में 15 से 20 फीसदी ही रह गई है। उन्होंने जिला प्रशासन से डल झील के जीर्णोद्धार के कार्य को जल्द शुरू करने की मांग की है। उधर, एसडीएम धर्मशाला संजीव कुमार भोट ने कहा कि डल झील के जीर्णोद्धार के लिए लेकमैन को बुलाया गया था। डल झील के जीर्णोद्धार के लिए योजना बनाई जा रही है।
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