धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय में सीयूएचपी के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल और एमजीसीयू के
धर्मशाला। उच्च शिक्षा और शोध को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएचपी) और महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (एमजीसीयू) के बीच समझौता हुआ। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत दोनों केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस पहल का उद्देश्य शोध की गुणवत्ता को मजबूत करना और वैश्विक रैंकिंग में बेहतर स्थान हासिल करना है।
समझौते पर हस्ताक्षर सीयूएचपी के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल और एमजीसीयू के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव की मौजूदगी में हुए। प्रो. बंसल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए शोध की गुणवत्ता और प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशन अत्यंत आवश्यक हैं। इसी उद्देश्य के साथ दोनों संस्थान मिलकर कार्य करेंगे।
एमओयू के तहत फैकल्टी और स्टूडेंट एक्सचेंज कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जाएगा। दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षक संयुक्त मार्गदर्शक के रूप में शोध कार्य करवाएंगे। छात्र और शोधार्थी साझा अनुसंधान परियोजनाओं में एक साथ भागीदारी करेंगे। इससे विभिन्न विषयों में विशेषज्ञता और ज्ञान का आदान-प्रदान संभव हो सकेगा।
पांच वर्षों के लिए हुए इस समझौते के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा पुस्तकालयों में उपलब्ध किताबें, शोध पत्रिकाएं और डिजिटल शिक्षण सामग्री भी साझा की जाएगी। दोनों संस्थानों ने स्पष्ट किया कि यह साझेदारी बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के संचालित होगी। साथ ही डाटा सुरक्षा, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) और गोपनीयता से जुड़े सभी मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय में सीयूएचपी के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल और एमजीसीयू के