26 जनवरी से पहले कांगड़ा में टैक्सी चालक के अपहरण और हत्या की वारदात से सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। यही नहीं हत्यारों की ओर से किराये पर ली टैक्सी भी अभी बरामद नहीं हो पाई है। वहीं पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए पंजाब और जेएंडके में तफ्तीश के लिए टीमें रवाना कर दी हैं।
कांगड़ा उपमंडल के गगल गांव के टैक्सी चालक के मर्डर केस में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसका खुलासा वारदात में संलिप्त कथित तीन लोगों की धरपकड़ के बाद ही हो पाएगा। लेकिन, पठानकोट में आतंकी हमले की तरह 26 जनवरी से ऐन पहले अज्ञात लोगों ने गगल चौक से पहले टैक्सी किराये पर लेने और बाद में टैक्सी चालक की निर्मम हत्या करने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
इस हत्याकांड में संलिप्त लोगों की ओर से किराये पर ली गई टैक्सी का भी अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। वहीं, इस ब्लाइंड मर्डर केस में गगल चौक पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी संदिग्धों को पकड़ने में मददगार साबित हो सकती है। चूंकि, टैक्सी चालक मूलत: पंजाब के गुरदासपुर जिला का रहने वाला था।
इसके चलते पुलिस हर पहलू की गहनता से छानबीन कर रही है। डीएसपी जवाली धर्म चंद वर्मा ने बताया कि पुलिस इस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कर पंजाब और जेएंडके के लिए रवाना की गई हैं।