अमर उजाला ब्यूरो
जवाली (कांगड़ा)। प्रदेश में जुआ, सट्टेबाजी सहित लॉटरी इत्यादि पर पूरी तरह प्रतिबंध होने के बावजूद अब विधानसभा चुनावों में अपने-अपने प्रत्याशियों की हार-जीत को लेकर सट्टेबाजी का धंधा जोरों शोरों से चल रहा है, जबकि पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है। विस क्षेत्र जवाली में भी शर्तों का दौर शुरू है और पहले छोटी-मोटी शर्त लगाई जा रही थी, लेकिन अब जवाली में कांग्रेस और भाजपा समर्थक के बीच दो-दो लाख रुपये नकद की शर्त लगी है और शर्त के लिखित मापदंड के उपरांत उस नकदी को पंचायत के ओहदेदारों के पास जमा किया गया है।
जवाली में कांग्रेस समर्थक मोहन लाल ने कांग्रेस प्रत्याशी और भाजपा समर्थक कवि ठाकुर ने भाजपा प्रत्याशी की जीत को लेकर दो-दो लाख रुपये नकद की शर्त लगाई है तथा लाहडू पंचायत प्रधान वीरेंद्र गुलेरिया और नगर पार्षद रवि कुमार की मौजदूगी में राशि लाहडू पंचायत प्रधान वीरेंद्र गुलेरिया को सौंप दी है, बल्कि इसे बेधड़क सोशल मीडिया पर भी शेयर कर दिया है। ऐसे में सवाल पैदा है कि क्या पंचायत के ओहदेदारों को पता नहीं है कि सट्टेबाजी पर पूर्णतया प्रतिबंध है और कोर्ट ने सट्टाबाजी, जुआ या लॉटरी पर प्रतिबंध लगा रखा है। अगर पंचायत के ओहदेदार ही ऐसे कार्य में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं तो उनके खिलाफ भी पुलिस-प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। इस बारे डीएसपी जवाली वीर बहादुर का कहना है कि जुआ, सट्टाबाजी और लॉटरी पर पूर्णतया प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि अगर कोई हार-जीत को लेकर सट्टा लगाने का दस्तावेज या शिकायत उनके पास आई तो अवश्य ही ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं, एसडीएम जवाली विनय मोदी ने कहा कि अगर कोई सट्टा लगा रहा है और उसकी शिकायत मिलती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।