थुरल (कांगड़ा)। पंचायत कौना में सचिव ने ही पंचायत के पैसों का गबन कर दिया। सचिव ने प्रधान के फर्जी हस्ताक्षकर कर करीब पौने पांच लाख रुपये निकाल लिए। मामले का खुलासा होने पर सचिव ने अपनी गलती स्वीकारी और सारे पैसे भरने हामी भरी।
जानकारी के मुताबिक पंचायत में पैसों का गबन होता देख पंचायत प्रधान ने इसकी शिकायत विकास खंड अधिकारी भेडू महादेव से की थी। पंचायत के रिकॉर्ड की छानबीन पर पंचायत सचिव की ओर से पैसों का गबन करने की बात सामने आ गई। सचिव ने पंचायत को करीब पौने पांच लाख रुपये की चपत लगा दी। सचिव ने यह गबन पंचायत प्रधान के स्वयं हस्ताक्षर कर किया है। जबकि सचिव ने भी गबन की बात को मान लिया है।
प्रधान नरेश कुमारी मेहरा ने आठ नवंबर को इसका शिकायत पत्र बीडीओ भेडू महादेव को दिया था। प्रधान ने आरोप लगाया था कि उनकी पंचायत में कार्यरत सचिव कर्मदीन ने उनके फर्जी हस्ताक्षर करके बैंक से पैसे निकाल लिए हैं। इनका किसी काम के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया है। बीडीओ ने 12 नवंबर को ही पंचायत का रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया था। मंगलवार को बीडीओ अपनी टीम के साथ कौना पंचायत में पहुंचे और रिकॉर्ड को देखा। इसमें अभी तक चार लाख 78 हजार 337 पैसों का गबन पाया गया है, जबकि सचिव कर्मदीन ने पूछताछ में पैसे निकालने की बात कबूल कर ली है। सचिव ने अपने लिखित बयान में बताया कि उसने दो लाख बैंक में जमा करवा दिए हैं और अन्य पैसों को भी जल्द भरने की बात कही है।
कोट्स
होगी कार्रवाई
बीडीओ भेडू महादेव सिकंदर ने कहा कि कौना पंचायत में पैसों के गबन की बात सामने आई है। बैंक ने बिना हस्ताक्षर की जांच किए बगैर ही सचिव को रुपये कैसे दे दिए, इसकी भी छानबीन की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायती राज एक्ट के आधार पर आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर पंचायत इंस्पेक्टर संजय शर्मा, कनिष्ठ अभियंता नवनीत शर्मा, कनिष्ठ अभियंता ऋषभ मेहता, प्रधान नरेश कुमारी मेहरा आदि मौजूद रहे।