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दुराचार के बाद सहकर्मी की हत्या के दोषी को उम्रकैद

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धर्मशाला। युवती के साथ दुराचार करने और बाद में हत्या करने के आरोपी को दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को 30 हजार रुपये का जुर्माना भी भरना होगा। यह सजा मंगलवार को अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश-3 धर्मशाला ज्योत्स्ना सुमंत डढवाल की अदालत ने सुनाई है। मामले की पैरवी जिला न्यायवादी राजेश वर्मा और उपजिला न्यायवादी एलएम शर्मा ने की।

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मामले के बारे में जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि वर्ष 2013 में चंद्रेश शर्मा निवासी बृज नगर हमीरपुर के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या का मामला पुलिस थाना कांगड़ा में दर्ज हुआ था। आरोपी चंद्रेश शर्मा एक टेलीकॉम कंपनी में इच्छी में काम करता था। इसी कंपनी में चंबा जिला के भटियात से संबंध रखने वाली युवती भी उसकी सहयोगी थी और दोनों अच्छी जान-पहचान थी। मृतक युवती इच्छी में एक किराये के मकान में रहती थी, जबकि आरोपी चंद्रेश मटौर में किराये के मकान में रहता था। उन्होंने बताया कि 11 जनवरी 2013 को निशांत जिससे युवती शादी करना चाहती थी, वह भी क्वार्टर में आया था। इस दौरान आरोपी ने योजना बनाकर पहले निशांत और युवती के भाई को वहां से भेज दिया। इसके बाद आरोपी दोबारा रात को युवती के क्वार्टर में आया और उसने युवती को खाने में चूहे मारने की दवाई खिला दी। खाना खाने के बाद युवती बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने पहले युवती से दुष्कर्म किया तथा बाद में दुपट्टे से उसका गला घोंटा। इसके बाद युवती के न मरने का शक होने पर उसने रस्सी के साथ उसका गला घोंट दिया। इसके बाद आरोपी शव को वहीं जमीन पर पड़ा छोड़ कर कमरे को बाहर से ताला लगाकर चला गया। इस वारदात के बाद आरोपी चंद्रेश वहां से हमीरपुर आ गया था। जब पीड़िता के परिजनों ने उससे बात करने के लिए फोन किया तो उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने आरोपी से संपर्क किया, लेकिन उसने परिजनों को गुमराह किया। इसके बाद युवती के परिजन युवती को ढूंढते हुए उसके क्वार्टर में पहुंच गए तथा उसकी तलाश की। युवती के बारे कोई जानकारी न मिलने के बाद परिजनों ने युवती के क्वार्टर में आराम करने के लिए कमरे का ताला तोड़ा तो युवती की लाश वहां पड़ी मिली। इसके बाद पुलिस थाना कांगड़ा में इस संदर्भ में मामला दर्ज हुआ। जांच में आरोपी चंद्रेश का डीएनए मृतका के शरीर में मिला और उसे गिरफ्तार किया गया। वहीं, साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने दुष्कर्म के मामले में 10 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना तथा हत्या के मामले में उम्र कैद और 20 हजार रुपये की सजा सुनाई है।

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