अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर (कांगड़ा)। प्रदेश सरकार और वन विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद वन माफिया पर लगाम नहीं लग पा रही है। खैर के अवैध कटान के मामलों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है, जो पुलिस और वन विभाग के साथ सरकार के लिए चिंता का विषय बन चुका है। रे वन और इंदौरा वन परिक्षेत्र की ताजी घटनाओं के बाद अब ज्वाली वन परिक्षेत्र के ब्लॉक खंड फतेहपुर की दिणी बीट के हटली में वन विभाग ने 16 खैर के मोछे पकड़े हैं। वन खंड फतेहपुर की टीम ने शनिवार को दिणी बीट के जंगलों से कटे खैर के 16 मोछे हटली के समीप गंडीरी की निजी भूमि में रखे बरामद किए हैं।
अभी हाल ही में वन मंत्री ने पंजाब सीमा पर सटे जंगलों का दौरा कर सरकार की ओर से वन माफिया पर लगाम लगाने का आश्वासन दिया है। लेकिन कांगड़ा जिले के पंजाब से सटे जंगलों में वन माफिया बेखौफ होकर जंगलों पर कहर बरपा रहा है। प्रशासन के जंगलों की सुरक्षा के बंदोबस्त सुस्त नजर आ रहे हैं। वहीं, कई वर्षों से स्थाना और इंदौरा के जंगलों में सक्रिय वन माफिया पर अब तक विभाग लगाम लगाने में नाकाम रहा है।
सुरक्षा की दृष्टि इन जंगलों के चारों तरफ रे में पुलिस चौकी, फतेहपुर में थाना, इंदौरा में थाना और रैहन में पुलिस चौकी है। बावजूद इसके वन माफिया आसानी से जंगलों को खाली कर रहा है। इतनी सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद वन काटुओं का घटनाओं को अंजाम देना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगाता है। वन खंड अधिकारी रविंद्र मनकोटिया ने बताया कि वे टीम सहित क्षेत्र के जंगलों के दौरे पर थे। इसी दौरान उन्हें दिणी बीट के जंगलों में खैर के कटे पेड़ होने की जानकारी मिली। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर खैर की लकड़ी बरामद कर ली। इसकी शिकायत विभागीय टीम ने पुलिस थाना इंदौरा में दर्ज करवा दी है। विभाग छानबीन कर रहा है कि यहां पर खैर के मोछे कहां से आए।