धरोट के जंगल में नाबालिग से गैंगरेप से लोगों में आक्रोश
बोले, हवस के शैतानों ने लोगों की आस्था के प्रतीक जंगल को भी किया कलंकित
पुलिस की पकड़ से बाहर तीनों आरोपी मेलों और होटलों में करते हैं काम
विनोद राणा
पालमपुर (कांगड़ा)। उपमंडल के धरोट के जंगल में नाबालिग से गैंगरेप के खिलाफ लोगों में रोष फैलने लगा है। लोगों का कहना है कि पुलिस दोषियों को जल्द पकड़ कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाए, जबकि पालमपुर पहुंचे परिजन सहमे भी हुुए थे और उनके चेहरों पर रोष साफ झलक रहा है। धरोट के जंगलों में हुए इस दुराचार के बाद लोगों में आक्रोश है कि दरिंदों ने लोगों की आस्था के प्रतीक इस जंगल को भी कलंकित कर दिया। इस जंगल के रास्ते से ही गढ़ माता के मंदिर को लोग जाते हैं। इसमें कोई दोस्त या पारिवारिक सदस्य भी हो सकते हैं। लेकिन, इस जंगल में हुई इस वारदात से अब लोग हर बात सोचने को मजबूर हो गए हैं। पीड़ित छात्रा भी अपने दोस्त के साथ गढ़ माता मंदिर में माथा टेकने गई थी। हालांकि, पांच आरोपियों में से पुलिस ने दो नाबालिग युवकों को पकड़ा है, लेकिन अन्य तीन की पुलिस को अभी तलाश है। सूत्रों की मानें तो इन तीनों की पहचान हो गई है और ये तीनों होटलों या मेलों आदि में काम करते हैं, जो जगह-जगह मेले लगाते हैं। पुलिस की मानें तो पकड़ से बाहर तीन आरोपियों में एक पर पहले भी मारपीट का मामला दर्ज है। अब पुलिस को इन तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी करना जरूरी है। उसके बाद पीड़ित इन पाचों की शिनाख्त कर सकती है। उसके बाद ही असली बात का पता चलेगा कि कितने लोगों ने लड़की से दुराचार किया है। बहरहाल, पुलिस को तीन आरोपियों की तलाश है। उधर, एसपी संतोष पटियाल ने कहा कि पुलिस तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी हुई है।