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रंगड़ों के हमले में घायल महिला की आईजीएमसी में मौत

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अमर उजाला ब्यूरो
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लंज (कांगड़ा)। रंगड़ों के हमले में घायल लंज खास पंचायत के नाग मंदिर गांव निवासी महिला कंसो देवी पत्नी टेक चंद की आईजीएमसी में उपचार के दौरान मौत हो गई है। दो दिन पहले महिला अपने को खेतों में काम कर रही थी। तभी अचानक रंगड़ों ने महिला पर हमला कर दिया। रंगड़ों के पूरे झुंड के हमले से महिला बुरी घायल हो गई थी। इसके अलावा उनके खेतों के साथ काम कर रही दूसरी महिलाओं पूनम देवी, रक्षा देवी, कमला देवी, मंजू वाला, पवना देवी, समजना, सुनीता और इंदु ने धुआं डालकर महिला को बचाया था। पूनम देवी ने कहा कि कंसो देवी को उस समय इतने रंगडों ने काट लिया था कि वह आग पर भी बैठने को मजबूर हो गई थी। उसके बाद कसों देवी को लंज पीएचसी में ले जाया गया। वहां से टांडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन टांडा में डायलिसिस मशीन न होने के कारण कंसो देवी को बुधवार को आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया। वहां पर भी डायलिसिस मशीन के काम न करने के कारण देरी से इलाज शुरू किया पाया, जब मशीन ठीक हुई तब तक देर हो चुकी थी। वीरवार शाम आठ बजे महिला ने आईजीएमसी में रंगडों के जहर के कारण दम तोड़ दिया। शुक्रवार को लंज में महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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इनसेट
समय पर प्राथमिक उपचार मिलता तो बच सकती थी जान
कंसो देवी को समय पर उपचार मिला होता तो उसकी जान बच सकती थी। पंचायत प्रधान रमेश चंद, विनोद चौधरी, अनिल चौधरी, भगवान दास, हरवंस सिंह, सिंटू, महिंद्र, रमन, निक्का राम, देवराज, परिवेश कुमार और अन्य लोगों का कहना है कि लंज पीएचसी को सीएचसी तो कर दिया गया है पर यहां पर न तो डॉक्टर हैं न ही कोई प्राथमिक उपचार के साधन। इस कारण कंसो देवी को अपने प्राण गंवाने पड़े। लोगों ने कहा कि चंगर की लंज स्थित पीएचसी को सीएचसी कर दिया है पर यहां पर सुविधाएं डिस्पेंसरी की भी नहीं है। इस कारण लोगों को अपने प्राणों से हाथ धोने पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उक्त परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
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