पत्नी के हत्यारे को आजीवन कारावास
बीमार पत्नी को दवाई के साथ दिया था जहरीला पदार्थ
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। बीमार पत्नी को दवाई के साथ जहरीला पदार्थ देने के आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही दोषी को 15 हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। यह सजा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-दो कृष्ण कुमार की अदालत ने सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले उप-जिला न्यायवादी संदीप अग्निहोत्री ने बताया कि बलविंद्र सिंह निवासी मोरड़ सिल्ल ज्वालामुखी की शादी 2003 में नौशहरा देहरा की रीना देवी से हुई थी। शादी के कुछ समय के बाद रीना देवी मानसिक बीमारी से ग्रस्त हो गई और हमीरपुर के निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। इसके चलते उसका पति खासा परेशान था। वहीं, 27 अक्टूबर, 2017 को रीना देवी और उसकी मां अस्पताल से दवाइयां लेने जा रहे थे, तो बलविंद्र ने उन्हें फोन किया और कहा कि वह भी उनके साथ जाएगा। इसके बाद जांच और दवाइयां लेने के बाद शाम को वे नौशहरा पहुंचे। यहां रात को खाना खाने के बाद पति-पत्नी दोनों एक कमरे में सोने चले गए। यहां बलविंद्र ने दवाई के साथ सल्फास भी मिलाकर पत्नी को खिला दिया, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद पता चला कि दवाई के साथ सल्फास भी खिलाई गई थी। 27 अक्टूबर, 2017 को पुलिस थाना हरिपुर में दर्ज मामले पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जब बलविंद्र से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पूछताछ में उन्हें यह भी बताया कि अस्पताल में जाने से पहले ही उसने पत्नी की हत्या करने का प्लान बनाया था। इसके चलते वह पहले ही सल्फास की गोलियां ले आया था। वहीं न्यायालय पहुंचे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 19 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयानों के आधार पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने दोषी बलविंद्र को आजीवन कारावास और15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।