नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। नगरोटा बगवां के रढ गांव के पंकज कुमार का नाइजीरिया में समुद्री डाकुओं की ओर से अपहरण का समाचार उसके घरवालों को किसी बज्रपात से कम नहीं था। क्योंकि, पंकज कुमार जहां समुद्री डाकुओं के कब्जे में है, वहीं पंकज के पिता वेद प्रकाश गुर्दों की बीमारी से काफी परेशान चल रहे हैं, पंकज की माता सुदर्शना देवी ने अपने पति को किडनी दान की है। इससे वह भी अस्वस्थ चल रही हैं। ऐसे में बेटे को समुद्री डाकुओं की ओर से बंधक बनाए जाने की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
उन्हें क्या मालूम था कि घर की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए विदेश गए बेटे के साथ ऐसी घटना हो जाएगी। वीरवार को जब 27 वर्षीय अविवाहित पंकज कुमार के घर यह समाचार आया, तो उसके पिता पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट के बाद दोबारा जांच के लिए गए थे। पति को इस बात की भनक न लगे, इसलिए पंकज की माता ने इस समाचार को रोते बिलखते अपने अंदर ही समेट लिया और बेटे की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना करने लगी। पंकज की माता सुदर्शना ने बताया कि समलोटी स्कूल में जमा दो की पढ़ाई के बाद पंकज कुमार को उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक निजी शिक्षण संस्थान से मर्चेंट नेवी का प्रशिक्षण दिलवाया था। साल 2012 में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद पंकज नौकरी के लिए जद्दोजहद कर रहा था। करीब पांच साल बाद नवंबर 2017 में उसे मुंबई में डीजी शिपिंग कंपनी में नौकरी मिली। अब वीरवार को ही उन्हें यह अपरिहार्य समाचार मिला है। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी को उनकी बेटे के साथ बात हुई, जबकि उसके बाद कोई संपर्क नहीं हुआ। उन्हें बताया गया है कि अपहरणकर्ताओं ने उन्हें छोड़ने के एवज में भारी धनराशि की मांग की है, लेकिन वे इस स्थिति में कतई नही हैं कि अपहरणकर्ताओं को कोई धनराशि दे सकें। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से बेटे को अपहरणकर्ताओं से छुड़वाने की मांग उठाई है। उधर, नगरोटा बगवां के एसडीएम सिद्धार्थ आचार्य और तहसीलदार मनोज कुमार ने पंकज कुमार के संबंध में जानकारी हासिल की। साथ ही प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
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