परागपुर ब्लॉक के तहत ग्राम पंचायत बढ़ल में बुधवार को 90 सीमेंट की बोरियों के खराब होने का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार स्थानीय निवासी गुरचरण सिंह ने बीडीओ परागपुर को शिकायत पत्र भेज कर आरोप लगाया था कि बढल पंचायत के वार्ड नंबर तीन में कबीर पंथी बस्ती के रास्ते के निर्माण कार्य के लिए 90 सीमेंट के बैग भेजे गए थे, वे जमकर पत्थर हो चुके हैं। वहीं, रास्ते का निर्माण होने से 30 से 35 घरों के लोगों को लाभ मिलना था । वे प्रधान को दो महीने से रास्ते का निर्माण करने को कह रहे थे, लेकिन रास्ते का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया।
इस कारण रखा हुआ सीमेंट जमकर पत्थर बन गया। उसने बीडीओ परागपुर से अनुरोध किया है कि इस मामले की जांच करवाकर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। इस संदर्भ में बढल पंचायत के प्रधान राजकुमार ने बताया कि गुरचरण ने जो आरोप उन पर लगाए हैं, वे निराधार हैं। उन्होंने पहले से ही पंचायत में दो विकास कार्य शुरू करवाए हुए थे। उनके पास जरूरत के अनुसार ही मजदूर उपलब्ध थे।
प्रधान राजकुमार ने बताया कि इस दौरान वर्षा से हुए नुकसान का जायजा लेने प्रशासन भी बढल पंचायत आया था और बीडीओ परागपुर ने भी उन्हें छोटे मोटे काम निपटाने को कहा था। उन्होंने कहा कि ये 90 सीमेंट की बोरियां लगातार बारिश के कारण ही खराब हुई हैं। वहीं, बुधवार को बीडीओ परागपुर ओपी ठाकुर ने उस स्थल का दौरा किया, जहां पर 90 सीमेंट के बैग जमकर पत्थर बन चुके हैं। उन्होंने इस बारे पंचायत प्रधान और लोगों से भी बात की है।
-प्रधान को मैंने कोई काम रोकने को नहीं कहा था। मेरे पास इस बारे में शिकायत आई थी। उसी की सत्यता जानने के लिए में बढल आया हूं और इस समय स्पाट पर ही हूं। मामले में जांच के बाद नियम अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -ओपी ठाकुर, बीडीओ, परागपुर