जिला कांगड़ा के एक युवक को बैंक में नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने के मामले में ज्वालामुखी पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अक्तूबर में दर्ज हुए इस मामले में पुलिस तफ्तीश कर रही थी। पकड़े गए चार आरोपियों से कड़ी पूछताछ करने के बाद पुलिस ने पटना और रांची में दबिश देकर दो और युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
आरोपियों में चंद्रमणि 16 और बहादुर कुमार महतो 17 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर रहेंगे। पुलिस को शक है कि यह एक बड़ा गिरोह है और इसके तार अन्य लोगों के साथ जुड़े हैं, जो काफी समय से लोगों को नौकरी का झांसा देकर उनके साथ ठगी कर रहा है। डीएसपी ज्वालामुखी तिलक राज ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस धोखाधड़ी के मामले में अब तक छह गिरफ्तारियां की हैं। आरोपियों में संजीव कुमार निवासी वेहा पनसाई नादौन (हमीरपुर), वीरेंद्र कुमार निवासी सिहाल (फतेहपुर), राधेश्याम निवासी खारसी ब्राह्मणा जिला बिलासपुर, विशाल डोगरा निवासी बनखंडी देहरा, चंद्रमणि निवासी जमुही (बिहार) व बहादुर कुमार महतो (रांची झारखंड) शामिल हैं।
यह था मामला
अक्तूबर में मुकेश कुमार पुत्र अजीत सिंह निवासी अंब डोली ने ज्वालामुखी थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि संजीव कुमार निवासी वेहा पनसाई नादौन, बोध निवासी सिल्ह फतेहपुर व श्याम और विशाल, वीरेंद्र, जितेंद्र, अमन, अनुराग व धर्मेंद्र निवासी पटना ने उसे अपने जाल में फंसाया और उसे बैंक में नौकरी दिलाने के एवज में लाखों की धोखाधड़ी की। इस मामले में मुकेश ने शिकायत में बताया था कि अगस्त 2018 में वह पटना की टीम व स्थानीय युवकों के संपर्क में आया और इन सभी ने इसे बैंक में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया।
इस एवज में एक मोटी रकम करीब सात से आठ लाख रुपये नौकरी लगवाने के लिए इन लोगों के खातों में ट्रांसफर की गई। इसके बाद उपरोक्त आरोपी मुकेश को नौकरी दिलवाने पटना ले गए और फर्जी बैंक में ड्रेस व आई कार्ड बनाकर नौकरी लगवा दी गई। कुछ दिन बाद ही मुकेश को पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है, जब उसने उपरोक्त व्यक्तियों से संपर्क करने की कोशिश की तो किसी के साथ भी संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद थक हारकर मुकेश ने थाना ज्वालामुखी में इनके मामला दर्ज करवाया था।