खुंडियां (कांगड़ा)। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से क्षेत्र की डोहग देहरियां, धतेड़, थिल, फकेड़, टिप, फकलोह और गाहलियां पंचायत में सर्पदंश जागरूकता एवं रोकथाम पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का संचालन आईसीएमआर के निकुंज कनकोडिया ने किया। सत्र में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को विषैले व गैर-विषैले सांपों की पहचान, लक्षण, प्राथमिक उपचार तथा एंटी स्नेक वेनम की भूमिका की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में मरीज को शांत रखकर प्रभावित अंग को स्थिर करें और बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। इसका मुख्य उद्देश्य अंधविश्वास व गलत उपचार पद्धतियों को दूर कर वैज्ञानिक जानकारी देना और समय पर इलाज सुनिश्चित कर मौतों को रोकना है। संवाद