धर्मशाला। एलर्जी की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को खराब दवाई बेचने पर एक निजी क्लीनिक संचालक को 15 हजार रुपये हर्जाना भरना होगा। यह फैसला उपभोक्ता मंच धर्मशाला के अध्यक्ष प्रदीप सम्ब्याल व सदस्य संगीता गौतम की अदालत ने सुनाया।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता यशपाल पुत्र योगिंद्र पाल निवासी हमीरपुर ने उपभोक्ता मंच धर्मशाला में एक निजी क्लीनिक पर संक्रमित दवाई देने की शिकायत की थी। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा था कि घरोह के पास शिवनगर में कैंसर के इलाज का दावा करने वाले निजी क्लीनिक से उन्होंने एलर्जी की दवाई खरीदी थी। इस दौरान तिब्बती डॉक्टर कलसन ने उन्हें फफूंद लगी दवाई दे दी। आपत्ति जताने पर चिकित्सक ने कहा था कि यह फफूंद मौसम की वजह से आई है और धूप में रखने के बाद ठीक हो जाएगी। लेकिन प्रयोगशाला में टेस्ट करवाने के बाद यह दवाई संक्रमित पाई गई। मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता विनय सोनी ने बताया कि इसके बाद चिकित्सक ने पीड़ित व्यक्ति से समझौता किया, जिसके चलते उसे 15 हजार रुपये हर्जाने के रूप में भरने पड़े।