धर्मशाला। महिला से दुष्कर्म, घर में जबरन घुसने और धमकी देने के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सत्र न्यायाधीश-कम-प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट कांगड़ा स्थित धर्मशाला डॉ. अरविंद मल्होत्रा की अदालत ने आरोपी को आईपीसी की धारा 376, 452 और 506 के तहत दोषी ठहराया, जबकि धारा 201 के आरोप से बरी कर दिया।
पुलिस थाना भवारना में पीड़िता ने सितंबर 2019 में शिकायत दर्ज करवाई थी कि रात करीब 11:30 बजे आरोपी उसके घर में घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता ने पंचायत प्रधान को जानकारी दी और आरोपी से धमकियां मिलने के बाद 9 सितंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान महिला का मेडिकल कराया गया और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज किए गए।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 18 गवाह पेश किए गए। अदालत ने पीड़िता, पंचायत प्रधान की गवाही, चिकित्सकीय और फोरेंसिक साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद आरोपी को आईपीसी की धारा 376 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माना (जुर्माना न देने पर 6 माह अतिरिक्त साधारण कारावास) सुनाया।
इसके अलावा धारा 452 के तहत दो वर्ष का कठोर कारावास व 5 हजार रुपये जुर्माना और धारा 506 के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास व 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। आरोपी को मुकदमे के दौरान हिरासत में बिताए 171 दिनों की अवधि का लाभ भी कानून के अनुसार सजा में मिलेगा।