धर्मशाला। न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने के मामले में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी जवाली शशिकांत की अदालत ने दोषी शिवा निवासी गांव भट्ट भलूं (तहसील जवाली) को 16 घंटे की सामुदायिक सेवा की अनूठी सजा सुनाई है। दोषी को यह सजा बिना किसी पारिश्रमिक के 30 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।
मामले के अनुसार शिवा के खिलाफ वर्ष 2010 में अवैध शराब रखने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद अदालत में चल रहे ट्रायल के दौरान वह पेश नहीं हुआ। लगातार गैरहाजिर रहने और अदालती नोटिसों की अनदेखी के चलते अदालत ने उसे वर्ष 2025 में भगौड़ा घोषित कर दिया था।
इसके बाद न्यायालय के आदेश पर नूरपुर पुलिस जिले की पीओ सेल ने 8 जनवरी 2026 को मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। अदालत ने अवहेलना का दोष सिद्ध होने पर शिवा को केहरियां चौक पर आम लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का आदेश दिया है। इसके तहत दोषी को शराब के दुष्प्रभावों, नशे में वाहन न चलाने, हेलमेट व सीट बेल्ट के उपयोग और यातायात नियमों के पालन से संबंधित 1000 जागरूकता पर्चे स्वयं तैयार कर लोगों में वितरित करने होंगे।
अदालत ने पुलिस थाना जवाली के प्रभारी को इस सेवा का पूरा रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अनुपालना रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले में अभियोजन की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी रवि कुमार ने की।