डीएफसी ने कहा - ऐसा हो नहीं सकता, कल निरीक्षक करेंगे पड़ताल, संचालक का दावा - सॉफ्टवेयर में है दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। गैस सिलिंडर तो मिला नहीं लेकिन सब्सिडी उपभोक्ता के खाते में आ गई। मामला इंडेन गैस कंपनी की धर्मशाला के कोतवाली बाजार स्थित बुकिंग एजेंसी कार्यालय से जुड़ा है। उपभोक्ता ने करीब पांच दिन पहले गैस सिलिंडर के लिए ऑनलाइन बुकिंग करवाई थी। इसके बाद उनके फोन पर मैसेज आया कि दो दिन के भीतर सिलिंडर मिल जाएगा। बाद में मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज तो आया लेकिन सिलिंडर नहीं मिला। हद तो तब हो गई, जब उपभोक्ता के बैंक खाते में गैस सब्सिडी के 36.62 रुपये भी डाल दिए लेकिन सिलिंडर फिर भी नहीं मिला। अब खाद्य आपूर्ति विभाग इस पूरे मामले की जांच करेगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। ऑनलाइन बुकिंग कराने के बाद सिलिंडर पाने के लिए उपभोक्ताओं को एजेंसी कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग जिला कांगड़ा के डीएफसी पुरषोत्तम सिंह ने कहा कि अगर गैस सिलिंडर की डिलीवरी नहीं हुई है और सब्सिडी खाते में आ गई है तो यह गलत है। ऐसा हो नहीं सकता। फिर भी इस मामले की पूरी जांच की जाएगी। सोमवार को अवकाश है। लिहाजा, मंगलवार को विभाग के निरीक्षक को जांच के लिए एजेंसी कार्यालय में भेजा जाएगा।
वहीं, एजेंसी संचालक विजय सिंह से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से पूरे देश के लिए एक सॉफ्टवेयर बनाया गया है। इसके माध्यम से तीन दिन में ऑटोमेटिक डिलीवरी का मैसेज उपभोक्ताओं को मिल रहा है। लेकिन पहाड़ी राज्य होने के कारण कई बार गैस सिलिंडर पहुंचाने में देरी हो रही है। मंगलवार को उपभोक्ता को गैस सिलिंडर की डिलीवरी कर दी जाएगी।