धर्मशाला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर वीरवार को धर्मशाला में कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गईं।
कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कचहरी अड्डा में विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की और उनका पुतला जलाने का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने पुतला अपने कब्जे में लेकर उसे जलाने से रोक दिया। इस दाैरान खूब गहमागहमी रही।
इसके बाद बाद में दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस को शिकायतें सौंपकर कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
जग्गी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि विजिलेंस में दर्ज एफआईआर के कारण विधायक बौखलाहट में इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। सरकार आय से अधिक संपत्ति के मामलों में निष्पक्ष जांच कर रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणी को कांग्रेस किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता पुनीत मल्ली, विजयइंद्र कर्ण, हरभजन सिंह सहित एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वहीं, धर्मशाला ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरभजन सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में विधायक सुधीर शर्मा के विरुद्ध कांगड़ा पुलिस को ऑनलाइन शिकायत भेजी। शिकायत में विधायक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
वहीं, देर शाम नगर निगम धर्मशाला के महापौर शमशेर नैहरिया सहित भाजपा पदाधिकारियों ने पुलिस को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान विधायक का पुतला जलाने का प्रयास किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
शिकायत में कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का उल्लंघन हुआ। भाजपा ने शिकायत में 19 लोगों के नाम दर्ज कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।