धर्मशाला। तंत्रिका संबंधी बीमारी से जूझ रहे बेटे के ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए खरीदा इन्वर्टर खराब होने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने निर्माता कंपनी को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की पीठ ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी को ब्याज सहित मूल राशि, मुआवजा और मुकदमा खर्च चुकाने के आदेश दिए हैं।
अदालत के आदेशानुसार कंपनी को 18,500 रुपये की राशि 9 फीसदी ब्याज के साथ उपभोक्ता को लौटानी होगी। इसके साथ ही उपभोक्ता को मानसिक परेशानी झेलने की एवज में 10 हजार रुपये मुआवजा और 7,500 रुपये कानूनी वाद खर्च के रूप में अलग से देने होंगे। मंडी जिले की संधोल तहसील के गांव घनाला निवासी सुरिंद्र कुमार ने आयोग के समक्ष यह शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार उनका बेटा न्यूरो संबंधी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है और उसे सांस लेने के लिए हर समय ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की जरूरत रहती है। निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने 5 अप्रैल 2023 को जयसिंहपुर की एक दुकान से 18,500 रुपये में लाइवफास्ट कंपनी का इन्वर्टर और बैटरी सेट खरीदा था।
खरीद के महज दो महीने बाद जून 2023 में उपकरण ने काम करना बंद कर दिया। सुरिंद्र कुमार ने विक्रेता और निर्माता कंपनी से बार-बार गुहार लगाई, लेकिन उपकरण की न तो मरम्मत की गई और न ही उसे बदला गया। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कंपनी की गंभीर लापरवाही मानी और पीड़ित परिवार को राहत प्रदान की।