नूरपुर (कांगड़ा)। नूरपुर शहर में ट्रायल वेस पर शुरू की गई डोर-टू-डोर गारबेज क्लेक्शन योजना फ्लाप होने के बाद पटरी से उतरी शहर की सफाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए नूरपुर नगर परिषद ने अब अनुबंध और निजी सफाई कर्मियों को व्यवस्था सौंपने का फैसला किया है।
इसके तहत शहर को स्वच्छ तथा सुंदर बनाए रखने और डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने के लिए नूरपुर नगर परिषद में अनुबंध आधार पर कार्यरत 24 सफाई कर्मचारियों के अलावा करीब डेढ़ दर्जन निजी सफाई कर्मचारियों की सेवाएं भी ली जाएंगी, जो कि अब तक ट्रायल वेस पर प्राइवेट ठेकेदार के साथ डोर-टू-डोर कचरा एकत्रीकरण का जिम्मा संभाल रहे थे, जबकि इन निजी सफाई कर्मचारियों को घरों और दुकानों से वसूले जाने वाले सफाई शुल्क से ही पैसों की अदायगी की जाएगी। हालांकि, इन सफाई कर्मचारियों की सेवाओं के बदले सरकारी मापदंडों के तहत उचित अदायगी सुनिश्चित करने के लिए नगर परिषद के दायरे में आने वाले सभी सरकारी और गैर सरकारी दफ्तरों से भी सफाई शुल्क वसूला जाएगा। इतना ही नहीं, शहर में सफाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए नगर परिषद के अनुबंध सफाई कर्मचारियों की वार्ड बार तैनाती की जाएगी और इनकी मॉनिटरिंग का जिम्मा भी वार्ड बार ऑफिस स्टाफ के जिम्मे होगा। गौर रहे कि ट्रायल वेस पर डोर-टू-डोर गारबेज क्लेक्शन योजना के तहत प्राइवेट ठेकेदार के माध्यम से करीब डेढ़ दर्जन सफाई कर्मी घरों और दुकानों से कचरा एकत्रित करने का काम कर रहे थे और इसकी एवज में घरों से 50 रुपये और दुकानों से 100 रुपये प्रति माह शुल्क वसूला जा रहा था। इससे लगभग 50 से 60 हजार रुपये की क्लेक्शन हो रही थी, लेकिन गारबेज क्लेक्शन का टेंडर न होने से ठेकेदार ने योजना से अपने हाथ खींच लिए और सफाई कर्मियों को दो माह का भुगतान भी नहीं हो पाया। वहीं, नूरपुर नगर परिषद की माली हालत को देखते हुए नगर परिषद का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे एसडीएम नूरपुर डॉ. सुरेंद्र ठाकुर ने पार्षदों के साथ मिलकर शहर की सफाई व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए नगर परिषद को अपने अनुबंध सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ अब निजी सफाई कर्मियों की सेवाएं लेने की नई योजना को अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने कहा कि नगर परिषद ने अब अपने स्तर पर ही डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने की मुहिम को जारी रखने का निर्णय लिया है और इसके लिए अनुबंध और निजी सफाई कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी। अनुबंध सफाई कर्मियों की वार्ड बार तैनाती की जाएगी, जबकि निजी सफाई कर्मचारी डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने का जिम्मा संभालेंगे।