धर्मशाला। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने मास्क और सैनिटाइजर की जमाखोरी व मुनाफाखोरी करने वाले कारोबारियों पर शिकंजा कसा है। विभागीय टीमों ने पिछले तीन दिन में कांगड़ा जिला की 387 दुकानों में दबिश दी। एक दवा विक्रेता पर मास्क का अधिक मूल्य वसूलने पर 100 काले रंग के मास्क व 15 एन-95 मास्क कब्जे में लिए गए। साथ ही फर्म के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के अंतर्गत मुकद्दमा दर्ज करवाया गया। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कांगड़ा नरेंद्र धीमान ने कहा कि औचक निरीक्षण का यह क्रम भविष्य में भी जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस (कोविड-19)के चलते हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा मास्क और हैंड सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु घोषित कर दिया गया है। जिला दंडाधिकारी ने जमाखोरी व मुनाफाखोरी उन्मूलन ओदश-1977 के अंतर्गत इन वस्तुओं की बिक्री के लिए लाभांश दरें निर्धारित की गई हैं। जारी की गई अधिसूचना के अनुसार अब दवा व्यापारियों को अपने कारोबार स्थल पर मूल्य सूची लगाना व परचून विक्रेताओं को बिल देना भी अनिवार्य है। खाद्य सामग्री की सभी दुकानों में रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस बारे में आदेश जारी कर दिए गए हैं, ताकि खाद्य वस्तुओं की मुनाफाखोरी न हो सके।