विश्व पर्यटन दिवस पर बीएड काॅलेज धर्मशाला सजा हिमाचली व्यंजनों का महाकुंभ
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। विश्व पर्यटन दिवस पर धर्मशाला में हिमाचली संस्कृति और खान-पान की खुशबू बिखरी। राजकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (जीसीटीई) में युवा पर्यटन क्लब ‘गूंज’ की ओर से हिमाचली स्थानीय पारंपरिक व्यंजन प्रतियोगिता करवाई गई। इसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों ने अपनी खास पहचान बनाई। प्रतियोगिता में चंबा का प्रसिद्ध मदरा प्रथम, कांगड़ा की धाम द्वितीय और कुल्लू का सिड्डू तृतीय रहा।
आयोजन का उद्देश्य हिमाचल की समृद्ध पाक विरासत, स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देना और भावी पीढ़ियों तक संरक्षित रखना रहा। इस वर्ष विश्व पर्यटन दिवस की थीम ‘पर्यटन : एक बेहतर कल के लिए’ को ध्यान में रखते हुए स्थानीय भोजन को सतत पर्यटन और स्थानीय समुदायों से जोड़ने का संदेश दिया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरएस गिल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विजेताओं को बधाई देते हुए युवा पर्यटन क्लब ‘गूंज’ की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय भोजन केवल पहचान ही नहीं, बल्कि सतत पर्यटन और मजबूत समुदायों के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार भी है।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में निजी होटल से अमन तथा स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के मुदित और उमेश शामिल रहे। निर्णायकों ने व्यंजनों का स्वाद, प्रस्तुति और सांस्कृतिक प्रामाणिकता के आधार पर मूल्यांकन किया। मंडी के बाबरा समेत अन्य पारंपरिक व्यंजनों ने भी आयोजन में अपनी छाप छोड़ी। आयोजन ने हिमाचल की विविध पाक परंपराओं को एक मंच पर लाने के साथ स्थानीय व्यंजनों और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने का संदेश दिया।