धर्मशाला। स्मार्ट सिटी धर्मशाला में लगातार घट रहे कारोबार से नाराज कारोबारियों ने ई-कॉमर्स कंपनियों का विरोध किया है। कारोबारियों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन की ओर से कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर से अब लोगों को से रोजाना उपयोग में लाने वाली सामग्री सहित सब्जी, किराने की चीजें भी मोबाइल एप से ही ऑनलाइन ऑर्डर कर घर पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। अब इसका असर धर्मशाला के बाजार पर लगातार दिख रहा है।
धर्मशाला के कारोबारियों का कहना है कि पहले ऑनलाइन शाॅपिंग और मॉल के चलते बाजारों में काम 50 फीसदी कम हो गया था। अब बाजार में आ रही नई-नई ई-कॉमर्स कंपनियों से लोगों ने सब्जियों सहित किराने का सामान भी खरीदना शुरू कर दिया है। ग्राहकों के बाजार में न आने से ग्राहक और दुकानदारों के बीच का संबंध भी कम हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि आज के समय में लोगों के लिए नौकरी पेशे में दिन-प्रतिदिन अवसर कम होते जा रहे हैं। युवा कुछ कमाने और फ्री न बैठने के चलते अपना थोड़ा बहुत कारोबार शुरू भी कर रहे हैं। उन पर भी ई-कॉर्मस कपंनियों का असर पड़ रहा है। जिससे व्यापार हर दिन घटता ही जा रहा है। इसके साथ ही बाहर की कंपनियां यहां आकर व्यापार कर रही हैं, जिससे छोटा व्यापारी दिन प्रतिदिन खत्म होता जा रहा है।
आज का युग आधुनिक है। हमें आधुनिकता के साथ चलना चाहिए परंतु ई-कॉमर्स कंपनियों के चलते लोकल दुकानदारों को काफी नुकसान हो रहा है। हम सुनिश्चित करें कि हम दोनों पक्षों को ध्यान में रख कर इसे इस्तेमाल करें ताकि जनहित में सभी का विकास हो सके।
-अभिषेक राणा, समाजसेवी
ई-कॉमर्स कंपनियां शुरूआती दौर में लोगों को डिस्काउंट देकर अपनी तरफ आकर्षित करती हैं, इसके बाद जब लोगों को ऑनलाइन ऑर्डर करके घर पर ही सामान मिलना शुरू हो जाता है और लोग बाजार नहीं निकल रहे हैं। लोगों को बाजार के दामों और वस्तु की क्वालिटी का पता नहीं चल पाता। कई बार तो लोग मूर्ख भी बन जाते हैं। फिर भी लोग लगातार ऑनलाइन शॉपिंग पर ही यकीन कर रहे हैं। जिसके चलते छोटा व्यापारी दिन-प्रतिदिन खत्म होता जा रहा है।
- प्रशांत बंसल, कचहरी कारोबारी
धर्मशाला एजुकेशनल हब भी है। धर्मशाला में ऑनलाइन शॉपिंग और मॉल खुलने के कारण 50 फीसदी व्यापार कम हो गया है। प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ती ही जा रही है, इसके चलते युवाओं को नए अवसर मिलना बहुत कम हो गए हैं। लोन इत्यादि लेकर अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कोई छोटा मोटा कारोबार शुरू कर रहे हैं, उसमें ई-कॉर्मस कंपनियों के कारण ज्यादा लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे युवा परेशान होकर नशे की ओर जा रहे हैं।
-सुनीश माटा, कचहरी कारोबारी
ऑनलाइन सामान खरीदने पर लोगों को वह क्वालिटी नहीं मिल पाती, जो दुकानों में जाकर लोग ले सकते हैं। दुकानों से लिया सामान ग्राहक वापस भी कर सकते हैं, लेकिन ऑनलाइन शाॅपिंग के दौरान लोगों को कई बार सामान वापस करने का विकल्प नहीं दिया जाता है। जिसके चलते लोगों को नुकसान भी होता है।
- मुनीष लुथरा, अध्यक्ष, कचहरी व्यापार मंडल
अभिषेक राणा, समाजसेवी
अभिषेक राणा, समाजसेवी
अभिषेक राणा, समाजसेवी