गुलेर (कांगड़ा)। ज्वालामुखी रोड रेलवे स्टेशन के समीप रानीताल क्षेत्र में उस समय दहशत का माहौल बन गया जब एक उग्र बैल सड़क पर राहगीरों के लिए खतरा बन गया। बैल ने स्थानीय लोगों पर हमला करने की कोशिश की। खुद को भी बुरी तरह लहूलुहान कर लिया। स्थानीय गोसेवक अभय कुमार ने बताया कि उन्होंने तुरंत एनिमल हेल्पलाइन नंबर 1962 पर कॉल कर स्थिति से अवगत करवाया और सहायता मांगी। विभाग ने छुट्टी का बहाना बनाया और बैल को बेहोश करने वाले इंजेक्शन की अनुपलब्धता की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। बाद में कॉल उठाना भी बंद कर दिया। अभय कुमार ने जान की परवाह न करते हुए अकेले ही कड़ी मशक्कत के बाद बैल को काबू किया। अभय कुमार ने धर्मशाला स्थित पीपल फार्म के संचालक से संपर्क किया। सूचना मिलते ही पीपल फार्म की टीम मौके पर पहुंची और घायल बैल को रेस्क्यू कर उपचार के लिए साथ ले गई। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि हेल्पलाइन नंबर आपात स्थिति में काम नहीं आते तो उन्हें जारी करने का क्या औचित्य है? उन्होंने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं के लिए ठोस जमीनी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संवाद