धर्मशाला। समग्र शिक्षा अभियान के तहत खंड स्रोत समन्वयक (बीआरसीसी) की भर्ती को लेकर प्रदेश में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अक्तूबर 2023 के विज्ञापन में 141 खंडों में प्रति खंड एक प्राथमिक और एक उच्च प्राथमिक बीआरसीसी रखने का प्रावधान था। करीब एक वर्ष तक हाईकोर्ट में स्टे रहने के बाद 2024 में प्रक्रिया फिर शुरू हुई। दिसंबर तक आवेदन, अप्रैल 2025 में लिखित परीक्षा और जून तक साक्षात्कार हो चुके हैं, लेकिन अंतिम परिणाम कोर्ट में दायर याचिकाओं के कारण लंबित है। अब चर्चा है कि पद घटाकर 141 कर दिए जाएंगे। इससे आरक्षण और मेरिट में असंतुलन की आशंका है। साथ ही एक ही बीआरसीसी पर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर का पूरा कार्यभार आना व्यावहारिक रूप से कठिन होगा। राजकीय टीजीटी कला संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर ने कहा कि नई शिक्षा नीति और समग्र शिक्षा अभियान में प्रति खंड दो बीआरसीसी का प्रावधान है। सुप्रीम कोर्ट ने भी एसके मंजुश्री बनाम आंध्रप्रदेश (2008) में भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियम बदलने को अवैध बताया है। संघ ने मांग की है कि विभाग लिखित रूप से स्थिति स्पष्ट करे। न्यायालय की अनुमति लेकर शीघ्र अंतिम परिणाम घोषित करे और पदों की संख्या यथावत 282 रखी जाए।