नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर कांगड़ा से जोगिंद्रनगर और नूरपुर रोड से गुलेर तक अगले सप्ताह तक रेलगाड़ियां चलने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि रानीताल के पास भूस्खलन से मलबा गिरने से रेल ट्रैक क्षतिग्रस्त है। इसलिए गुलेर से कांगड़ा तक रेलगाड़ियों की आवाजाही में अभी समय लग सकता है। वहीं, नूरपुर रोड से पठानकोट तक भी रेलगाड़ी में सफर के लिए अभी और इंतजार करना होगा। रेलवे बोर्ड ने मंगलवार को नूरपुर रोड से गुलेर तक इंजन के साथ सात डिब्बे जोड़कर सफल ट्रायल कर लिया है। इससे पहले बोर्ड ने शनिवार को बैजनाथ से कांगड़ा और रविवार को बैजनाथ से जोगिंद्रनगर तक सफल ट्रायल कर नवरात्र तक रेलगाड़ियां चलाने की संभावना जता दी।
नगरोटा सूरियां के अश्विनी गुलेरिया, दशनेश तलवार, राजेश नंदपुरी और सतपाल मेहरा का कहना है कि नूरपुर रोड से गुलेर तक रेलगाड़ियां बहाल होने से गुलेर से जवाली के बीच के करीब तीन दर्जन दुर्गम गांवों को महंगे सफर से निजात मिलेगी। इन गांवों के लिए केवल रेलमार्ग ही सस्ता और सुगम आवाजाही का साधन है।
सफल ट्रायल की रिपोर्ट मिलने और कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नूरपुर रोड से गुलेर तक रेलगाड़ियां बहाल कर दी जाएंगी। जबकि रानीताल के पास क्षतिग्रस्त रेल ट्रैक की मरम्मत की जा रही है और मरम्मत के बाद नूरपुर रोड से बैजनाथ तक पूर्व की भांति रेलगाड़ियों की बहाली कर दी जाएगी। इसके लिए अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।
संजय साहू, डीआरएम, उत्तर रेलवे मंडल फिरोजपुर