सात साल में लोगों के इलाज पर 51 करोड़ रुपये किए खर्चे, सिर्फ 34 करोड़ रुपये का ही हुआ भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में गरीब लोगों के इलाज के लिए केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना अब आफत बन गई है। अकेले जिला कांगड़ा के सरकारी अस्पतालों और टांडा मेडिकल कॉलेज में योजना की देनदारी 17 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है। लंबे समय से इस योजना के तहत उधारी पर ही मरीजों को उपचार मिल रहा है।
हालांकि सरकारी अस्पतालों में अभी भी इस योजना का लाभ मिल रहा है। बात करें प्रदेश के दूसरे मेडिकल कॉलेज टांडा की तो वहां पर ही 15 करोड़ रुपये की देनदारी हो गई है। इसके अलावा क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला सहित अन्य बड़े सरकारी अस्पतालों में देनदारी करीब दो करोड़ रुपये पहुंच गई है, जिसके लिए अस्पताल प्रबंधन केंद्र सरकार से राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार जिले में वर्ष 2018 से आयुष्मान भारत योजना के तहत अभी तक 27,037 मरीजों के उपचार और दवाइयों पर करीब 51.88 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है, जिसमें से अभी तक 34.80 करोड़ रुपये की ही पेमेंट हो पाई है। जबकि 17.07 करोड़ रुपये की देनदारी बाकी है। हिमाचल में पहले ही निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना की सुविधा बंद हो गई है। अगर सरकारी अस्पतालों में भी सुविधा बंद हो जाती है तो मरीजों को जगह-जगह इलाज के लिए ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ सकता है।
हिम केयर योजना में 66.52 करोड़ की है देनदारी
टांडा मेडिकल कॉलेज सहित जिला कांगड़ा के सरकारी अस्पतालों में प्रदेश सरकार की हिमकेयर योजना की देनदारी 66.52 करोड़ रुपये की देनदारी सरकार को हो गई है। वर्ष 2018 से अभी तक जिला कांगड़ा में हिमकेयर योजना के तहत 96,315 मरीजों का इलाज हुआ है, जिसके तहत करीब 168 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इसमें से सरकार की ओर से अभी तक 101 करोड़ रुपये ही संबंधित एजेंसी को दिए हैं और 66.52 करोड़ रुपये की देनदारी बाकी है।
वर्ष 2018 से जिला कांगड़ा के सरकारी अस्पतालों में अभी तक 27,037 मरीजों के इलाज पर आयुष्मान भारत योजना से 51 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है, जिसमें से केंद्र सरकार ने 34 करोड़ रुपये की पेमेंट कर दी है। अब करीब 17 करोड़ रुपये की देनदारी बाकी है। इसमें टांडा मेडिकल कॉलेज भी शामिल है।
- डॉ. राजेश गुलेरी, सीएमओ कांगड़ा
जिले में वर्ष के हिसाब से आयुष्मान योजना की देनदारी
वर्ष इलाज की राशि जारी राशि
2018-19 1,76,09,986 1,59,04,376
2019-20 7,27,21,334 6,18,83,172
2020-21 3,76,35,969 4,54,92,528
2021-22 10,16,30,601 5,09,78,494
2022-23 12,66,43,213 9,04,84,992
2023-24 13,65,86,729 6,47,14,461
2024-25 2,59,76,187 1,86,08,291
कुल 51,88,04,019 34,80,66,314