द्रमण में फोरलेन कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते ग्रामीण। -स्रोत: जागरूक पाठक
शाहपुर (कांगड़ा)। पठानकोट-मंडी फोरलेन निर्माण कंपनी की कार्यप्रणाली के खिलाफ शनिवार को द्रमण में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। द्रमण और बंगाली कॉलोनी के लोगों ने निर्माण कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को तुरंत पूरा नहीं किया गया तो वे चक्का जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे।
ग्रामीणों के प्रदर्शन का सबसे बड़ा कारण अंडरपास की कमी को लेकर है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि द्रमण से लेकर 39 मील तक के लगभग 500 मीटर के दायरे में सड़क के दोनों तरफ कहीं भी आर-पार जाने का रास्ता नहीं रखा गया है। इस लापरवाही ने स्थानीय लोगों के जीवन को दो हिस्सों में बांट दिया है।
उन्होंने कहा कि कई ग्रामीणों के घर फोरलेन के एक तरफ हैं और गोशालाएं दूसरी तरफ। इससे पशुओं की देखभाल करना भी मुश्किल हो गया है। सबसे गंभीर स्थिति स्कूली बच्चों की है। बंगाली कॉलोनी के बच्चे जो हटली स्कूल में शिक्षा ग्रहण करते हैं, वे रास्ता बंद होने के कारण स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों को सड़क पार करने के लिए अब कई किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ रहा है।
रास्ते के साथ-साथ फोरलेन निर्माण ने क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था पर भी प्रहार किया है। हटली से प्रीतम नगर की ओर जाने वाली दशकों पुरानी सिंचाई कूहल को मलबे में दबा दिया गया है। इससे किसानों की फसलें पानी के अभाव में सूखने की कगार पर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वे पिछले डेढ़ साल से निर्माण कंपनी, नेताओं और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को अंतिम अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि अंडरपास का निर्माण और कूहल की बहाली जल्द नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और निर्माण कंपनी की होगी।