धर्मशाला। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराए गए 2जी मोबाइल फोन अब उनके कामकाज में बड़ी बाधा बन रहे हैं। पुराने मोबाइलों की धीमी गति और तकनीकी खामियों के कारण पोषण ट्रैकर सहित अन्य ऑनलाइन कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। इससे आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन के साथ विभागीय रिपोर्टिंग भी प्रभावित हो रही है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि पोषण ट्रैकर एप पर उपस्थिति दर्ज कराने में भी परेशानी आ रही है। कई बार हाजिरी लगाने के लिए पूरे दिन इंतजार करना पड़ता है। इंटरनेट की धीमी गति, बार-बार हैंग होने और बैटरी संबंधी दिक्कतों के कारण उन्हें अतिरिक्त समय और परेशानी झेलनी पड़ रही है। बच्चों की देखभाल, पोषण कार्यक्रम, गर्भवती और धात्री महिलाओं से जुड़े कार्य, सर्वे, रिकॉर्ड अपडेट और अन्य विभागीय जिम्मेदारियां भी मोबाइल के माध्यम से पूरी करनी होती हैं। ऐसे में कई बार उन्हें निजी मोबाइल का इस्तेमाल करना पड़ता है।
जिला कांगड़ा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन की उपप्रधान वीना शर्मा और महासचिव लैज्या ठाकुर ने बताया कि इस मुद्दे सहित अन्य मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 23 जुलाई को शिमला में महिला एवं बाल विकास मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल से मुलाकात करेंगी।