फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kangra News: चुनाव ड्यूटी में भोजन बनाने के आदेश पर भड़कीं आंगनबाड़ी वर्कर, देहरा में प्रदर्शन

Sun, 24 May 2026 08:31 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
विज्ञापन
देहरा में एसडीएम को ज्ञापन सौंपती आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की सदस्य। -स्रोत : जागरूक प
विज्ञापन
देहरागोपीपुर/पालमपुर (कांगड़ा)। पंचायती राज चुनावों के दौरान पोलिंग पार्टियों (चुनावी स्टाफ) के लिए भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्परों को सौंपने के प्रशासनिक आदेश पर विवाद खड़ा हो गया है। इस फैसले के विरोध में शनिवार को आंगनबाड़ी वर्कर-हेल्पर यूनियन (संबद्ध सीटू) ने मोर्चा खोल दिया।
विज्ञापन

देहरा में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और इस आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई। एसडीएम कुलवंत सिंह पोटन को ज्ञापन सौंपने के बाद यूनियन की जसवां-परागपुर अध्यक्ष संजना ठाकुर ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों पर पहले से ही विभागीय काम का अत्यधिक बोझ है। अब उन पर जबरन खाना बनाने और परोसने जैसी अतिरिक्त जिम्मेदारी थोंपी जा रही है, जो न्यायसंगत नहीं है।
यूनियन नेताओं ने तर्क दिया कि चुनावी टीमें मतदान से एक दिन पहले ही पोलिंग बूथों पर पहुंच जाती हैं। पोलिंग स्टाफ में अधिकांश पुरुष कर्मचारी होते हैं, ऐसे माहौल में आंगनबाड़ी की महिला कर्मियों को देर रात तक बूथों पर रुककर भोजन की व्यवस्था संभालनी पड़ेगी। रात के समय सुनसान और दूरदराज के क्षेत्रों में इन महिला कर्मियों की सुरक्षा, गरिमा और घर वापसी को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं।
विज्ञापन

केवल शिमला में वापस हुआ आदेश, अन्य जिलों में अनदेखी क्यों : सीटू
पालमपुर में सीटू के जिला प्रधान केवल कुमार, जिला सचिव रविंद्र कुमार और जिला वित्त सचिव अशोक कटोच ने इस फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की है। सीटू नेताओं ने आरोप लगाया कि इस ड्यूटी को लगाते समय जिला प्रशासन और रिटर्निंग अधिकारियों ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के उन स्पष्ट दिशा-निर्देशों की सरेआम अनदेखी की है, जिसमें आंगनबाड़ी कर्मियों से उनके नियमित कार्यों के अलावा चुनाव या सर्वेक्षण जैसे अतिरिक्त काम न करवाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि इस महिला विरोधी फैसले के खिलाफ पूरे प्रदेश के जिलाधीशों को ज्ञापन सौंपे गए थे। मगर शिमला को छोड़कर अन्य किसी भी जिले में आदेश वापस नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि शिमला की तर्ज पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी रद्द कर भोजन की व्यवस्था का जिम्मा पंचायत सचिवों को सौंपा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें