धर्मशाला। भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए नौ माह के बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए अब एक अतिरिक्त खुराक दी जाएगी। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार कांगड़ा में यह टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है। नौ माह के बच्चे को जब परिजन मीजल्स रुबेला टीकाकरण के लिए टीकाकरण केंद्र पर लाएंगे, तब उसे इसकी तीसरी डोज दी जाएगी।
जिला कांगड़ा में एक साल से कम आयु के करीब 18,000 बच्चेे हैं, जिन्हें आने वाले समय में यह तीसरी खुराक दी जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत हर बच्चे को पोलियो से बचने के लिए दो प्रकार के टीके दिए जाते हैं। इसमे से एक ओरल पोलियो और दूसरा इनैक्टिव पोलियो इंजेक्शन है। कार्यक्रम के अनुसार हर बच्चे को एक साल तक ओरल पोलियो की चार खुराक दी जाती हैं। इनमें पैदा होते ही, डेढ़ महीने में, ढाई महीने में और साढ़े तीन महीने में यह डोज दी जाती है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच ने बताया कि इंजेक्शन इनैक्टिव के प्रत्येक बच्चे को एक साल के भीतर दो इंजेक्शन दिए जाते थे। जो डेढ़ महीने में और साढ़े तीन महीने में दिए जाते थे। पोलियो से पूरी तरह से बचाव के लिए राष्ट्रीय टीकाकरण एडवाइजरी ग्रुप ने इनेक्शन इनैक्टिव पोलियो की एक अतिरिक खुराक के लिए सुझाव दिया है। इसके अंतर्गत अब जितने भी बच्चे नौ महीने में मीजल्स रुबेला टीकाकरण के लिए आएंगे, उनको इंजेक्शन इनैक्टिव पोलियो की एक अतिरिक्त खुराक दी जाएगी।